ये गाथा है भारत देश की


ये गाथा एक देश की है,
जहाँ लहराता हमेशा तिरंगा है।
खुशहाली और हरियाली की,
होती यहाँ बौछार है।
ये गाथा भारत देश की है,
ये गाथा मेरे वतन की है।।
गाथा उन जवानो की,
जिसने लिखी कहानी बलिदान की है।
गाथा मर्दानी झांसी वाली रानी की,
गाथा है हमारे वीर नेताओ की,
जो लुटाकर जान अपनी,
बनगए शान हिंदुस्तान की है।
ये गाथा है भारत देश की,
ये गाथा मेरे वतन की है।
गाथा है हिंदुस्तान की,
जहाँ बसता जलियावाला बाग़ है,
अग्नि से लिपटी लाशे थी और,
रक्त से भीगी धरती थी,
जहाँ चलता चरखा बापू का है।
और गुलाब चढ़ता गुरु को है।
ये गाथा भारत देश की,
ये गाथा मेरे वतन की है।
गाथा है सोने की चिड़िया की,
जहाँ धरती पे बसता स्वर्ग है।
जहाँ जन गन मन गाता पूरा हिदुस्तान है।
जहाँ वंदे मातरम् और सारे जहाँ से अच्छा ,
बच्चों को सिखाया जाता है।,
ये गाथा है भारत देश की,
ये गाथा मेरे वतन की है।
जहाँ रहती एक नैना है।
रखती देश के लिए सदा मान है।
इसलिए तो कहती सदा यही है,
मेरा भारत महान है।
मेरा भारत महान है।
जय हिन्द जय भारत।

रचनाकार: नैना जैन, कांदीवली मुंबई 



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