आजाद हिन्द फौज के नायक स्व.कर्नल ढिल्लन की पुण्यतिथि पर श्रृद्धांजलि कार्यक्रम सम्पन्न


सह.सम्पादक अतुल जैन की रिपोर्ट


शिवपुरी।
 भारत की आजादी के परमवीर योद्धा व आजाद हिन्द फौज के महानायक, पद्म भूषण कर्नल गुरूवख्श सिंह ढिल्लन की 16वीं पुण्यतिथि पर श्रृद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन कर्नल जी.एस.ढिल्लन समाधि स्थल आजाद हिन्द पार्क हातौद में किया गया। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने स्व.ढिल्लन के समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रृद्धांजलि दी। इस मौके पर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर भी प्रकाश डाला गया।  
सीआरपीएफ सीआईएटी आईजी श्री गिरीश कुमार ने स्व.कर्नल ढिल्लन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अपनी कार्यशैली से ढिल्लों ने अपने सीनियर्स को प्रभावित किया करते थे। इसी के परिणाम स्वरूप वो द्वितीय विश्वयुद्ध का हिस्सा बनाए गए। इस जंग में उन्होंने विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब दिया था। इसके परिणामस्वरूप वे जापान द्वारा युद्धबन्दी बना लिये गये थे। बाद में 1942 में भारत को स्वतन्त्र कराने के लिए आजाद हिन्द फौज का संगठन हुआ तो ढिल्लो, कर्नल प्रेम सहगल और मेजर जनरल शाह नवाज ख़ान समेत अन्य योद्धाओं के साथ इसके अभिन्न अंग बन गए और अंग्रेजों को खूब छकाया।
डीआईजी आईटीबीपी डीआईजी श्री राजीव लोचन शुक्ल ने कहा कि यूं तो इस फ़ौज का हर एक सैनिक अपने आप में ख़ास था। मगर एक नाम ऐसा भी था, जिसने अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया। ब्रिटिश सम्राट के खिलाफ युद्ध करने को लेकर इस योद्धा पर ना सिर्फ़ लाल किला ट्रायल नामक ऐतिहासिक मुकादमा चलाया गया, बल्कि प्रताड़ित भी किया गया। मगर वह टूटा नहीं और आजादी के लाखों परवानों को एकता के एक सूत्र में बांध दिया। उन्होंने कहा कि इन महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का जीवन हमें सीखाता है कि राष्ट्र के लिए मर मीटने की हद तक कैसे लड़ा जाता है।
कलेक्टर श्री अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि हम सभी लोग अपने आप को गौरान्वित महसूस करते है कि आज शिवपुरी की धरा पर स्वतंत्रता संग्राम के परमवीर योद्धा की पुण्यतिथि पर आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में भाग ले रहे है।
पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सिंह चंदेल ने कहा कि यह शहीदों का प्रताप है कि हम सुखद माहौल में रह पा रहे है। हमें आजादी की कीमत को समझना होगा और देश के लिए जिन्होंने सर्वस्व न्यौछावर कर दिया ऐसे वीर योद्धाओं को याद रखना होगा। तब हम इस देश के सच्चे और जागरूक नागरिक कहलाएंगे।
स्व. ढिल्लन के पुत्र सर्वजीत ढिल्लन ने कहा कि नेताजी के साथ कदम से कदम मिलाकर देश की आजादी के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले महान लोगों में कर्नल ढिल्लन का नाम शामिल है। जिन्होंने गुरिल्ला युद्ध के जनक कहे जाने वाले तात्या टोपे को आदर्श मानकर उसी विद्या में महारत हासिल कर के कई दुश्मनों के दांत युद्ध में खट्‌टे किए हैं। इसलिए इन अमर शहीदों को याद करने का सबसे अच्छा माध्यम है कि हम उन्हें अवसर विशेष पर तो याद कर लें और उनके बताए मार्ग पर चिंतन कर अपनी जीवन की दिशा आगे बढ़ाए। कार्यक्रम को एनसीसी बटालियन कर्नल धीरेंद्र सिंह एवं आईबी के प्राचार्य सहदेव सिंह, नितिन शर्मा सहित अन्य सम्मानीय  अतिथियों द्वारा भी अपने ओजस्वी विचार मंच से रखे।
इस अवसर पर जेलर श्री बी.एस.मौर्य के नेतृत्व में जयहिन्द मिशन के तत्वाधान में शहर से एक मशाल रैली निकाली गई। जो स्व.ढिल्लन की समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रृद्धांजलि दी। इस अवसर पर सीआरपीएफ सीआईएटी आईजी गिरीश कुमार, डीआईजी आईटीबीपी डीआईजी श्री राजीव लोचन शुक्ल, आईबी के प्राचार्य सहदेव सिंह, एनसीसी बटालियन कर्नल धीरेंद्र सिंह, सीआरपीएफ सीओ सुरेश यादव, राज्यमंत्री दर्जा श्री प्रहलाद भारती, जिला अध्यक्ष श्री राजू बाथम, पूर्व विधायक श्री माखनलाल राठौर, श्री मुन्नालाल कुशवाह, तात्याटोपे के वंशज प्रपौत्र सुभाष टोपे एवं कर्नल ढिल्लन के परिवारजन, भारतीय सेना, आइटीबीपी करेरा एवं पुलिस के जवान, सर्वधर्म सभा में सदस्यगण सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन आदित्य शिवपुरी ने किया। 



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