मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वृक्षारोपण को बनाया जन-सामान्य की आदत


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को 19 फरवरी 2022 को प्रतिदिन पौध-रोपण करते हुए एक वर्ष पूर्ण हो रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अमरकंटक में 19 फरवरी 2021 नर्मदा जयंती पर प्रतिदिन पौध-रोपण का संकल्प लिया था। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवधि में 490 पौधे रोपे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ट्वीट किया है कि – “पेड़ मनुष्यों को तो जीवन देते ही हैं, पशु-पक्षी, जीव-जन्तु, कीट-पतंगों को भी आश्रय और जीवन देते हैं। धरती आने वाली पीढ़ियों के रहने योग्य बनी रहे, इसलिए वृक्षारोपण जरूरी है। अगले साल भी वृक्षारोपण का यह अभियान जारी रहेगा।”

मुख्यमंत्री श्री चौहान जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभावों से पृथ्वी तथा आगामी पीढ़ियों को बचाने के लिए पौध-रोपण को सबसे सरल और सभी के द्वारा की जाने वाली गतिविधि मानते हैं। इस पुनीत कार्य में जन-जन के सहयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संस्थाओं और व्यक्तिगत स्तर पर पर्यावरण-संरक्षण और स्वच्छता की गतिविधियों में योगदान देने वाले व्यक्तियों के साथ पौध-रोपण किया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान जन-सामान्य को अपने परिजन की स्मृति में, परिवार के सदस्यों और मित्रों के जन्म-दिवस तथा अन्य शुभ अवसरों पर भी पौधा लगाने के लिए प्रेरित करते रहे हैं।

*मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश के अतिरिक्त आठ राज्यों में लगाए पौधे*

मुख्यमंत्री श्री चौहान भोपाल में हो, प्रदेश में कहीं प्रवास पर हों या प्रदेश के बाहर कहीं भी यात्रा में हों, उन्होंने प्रतिदिन पौधा अवश्य लगाया है। अमरकंटक से आरंभ किए गए पौध-रोपण अभियान में भोपाल के स्मार्ट उद्यान, मुख्यमंत्री निवास, मिंटो हॉल परिसर, सुशासन संस्थान, भदभदा विश्राम घाट, मंत्रालय परिसर, शौर्य स्मारक, सहित प्रदेश में होशंगाबाद, नसरुल्लागंज, जबलपुर, पचमढ़ी, इन्दौर, विदिशा, बोरी, पन्ना, बुरहानपुर, सतना, उज्जैन आदि स्थानों पर पौध-रोपण किया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पश्चिम बंगाल के जगतबल्लवपुर, भरूच गुजरात स्थित मनन आश्रम, दिल्ली, मुम्बई, तमिलनाडु के गौड़ा देवी मंदिर परिसर, हरिहर आश्रम कनखल हरिद्वार, कम्पनी बाग वाराणसी, शिरडी धाम, नासिक और हैदराबाद के जियर स्वामी आश्रम में भी पौध-रोपण किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने हरिद्वार प्रवास के दौरान स्वामी अवधेशानंद जी, स्वामी परमानंद गिरि जी तथा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के साथ पौध-रोपण किया।

*जन-जन को शामिल किया पौध-रोपण में*

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पौध-रोपण में जन-जन को शामिल किया। नवम्बर माह में प्रदेश के स्थापना दिवस पर अपनी प्रस्तुति देने आए पार्श्व गायक श्री मोहित चौहान ने मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ पौधा लगाया। इसी क्रम में खजुराहो सांसद श्री वी.डी. शर्मा के जन्म-दिवस पर मुख्यमंत्री श्री चौहान तथा श्री वी.डी. शर्मा द्वारा पौध-रोपण किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सामान्य व्यक्तियों को भी पौध-रोपण में शामिल किया। श्री खुशीलाल प्रजापति, श्री लखन प्रजापति, सुश्री शिवानी प्रजापति जैसे माटी शिल्पकार हों या फिर प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में समय-सीमा में ऋण चुकाने वाले श्री अशोक राठौर, श्री वृंदावन चौरसिया और श्री इमाम खान या फिर नगर निगम के साथ कार्य कर रहे स्वच्छता मित्र या वृक्षारोपण के लिए अंकुर अभियान से जुड़े अंकुर मित्र हों, मुख्यमंत्री श्री चौहान ने समाज के लिए बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करने वाले विभिन्न व्यक्तियों के साथ पौध-रोपण किया।

*कई संस्थाएँ साथ आईं अभियान में*

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के क्षेत्र में कार्यरत मन्नत सोशल वेलफेयर, गौ-शिल्प इंटरप्राइजेज, नटराज परफार्मिंग एंड वेलफेयर सोसायटी, वॉटर एड इंडिया, ऑस्क संस्थान, अवनी वेलफेयर सोसायटी, संगिनी संस्था, कबाड़ से जुगाड़ स्वच्छता टीम, पंडित दीनदयाल उपाध्याय बोरवन क्लब, कचरा बीनने और प्लास्टिक प्रबंधन के कार्य में लगी सार्थक संस्था, गौ-ग्रास एक पहल संस्था, पैसेफिक ब्लू सोसायटी, पर्यावरण प्रेमी आवृत्ति संस्था, प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए सक्रिय पर्व फाउंडेशन, आई क्लीन टीम, निर्माण परिवर्तन की ओर संस्था, केजीएन सोशल फाउंडेशन, ड्रीम भोपाल ग्रीन भोपाल, हेल्प बॉक्स फाउंडेशन, नर सेवा नारायण सेवा समिति, आर वन, आई.एन.सी संस्था और क्रिकेट एसोसिएशन फॉर ब्लाइंड के पदाधिकारियों के साथ पौध-रोपण किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ 72 हजार की सदस्य संख्या वाली भोपाल सिटी लाइव संस्था, धर्मश्री फाउंडेशन, द लॉयन सिटी ग्रुप, बुक वाला संस्था, दिशांजलि सोसायटी, रक्त चाहिए पौधा लगाइए के उद्देश्य के साथ कार्य कर रही जीवन सार्थक फाउंडेशन, स्वेच्छा संस्था, कुंजल वेलफेयर सोसायटी, रिटर्न गिफ्ट टू मदर अर्थ संस्था, रोबिन हुड आर्मी, अपशिष्ट प्रबंधन और पौधों की सुरक्षा और नारियल अपशिष्ट की रिसाइक्लिंग में लगे स्क्वायर एलएलपी स्वैच्छिक संगठन, एंजल्स वेलफेयर सोसायटी, गौकाष्ठ संवर्धन एवं पर्यावरण संरक्षण समिति, एक्सेल वेंचर सोसायटी, नवरचना संस्था, सामाजिक न्याय परिषद, दीपरेखा संस्था, टीम क्लीन एंड ग्रीन, बचपन संस्था, मुस्कान संस्था, एटमोस वेलफेयर सोसायटी, आवाज जन-कल्याण समिति, तृप्त सामाजिक सेवा संस्थान, द होप ऑफ चेंज संस्था तथा अटल बिहारी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के पदाधिकारियों ने भी पौध-रोपण किया।

अन्नाशेष वेलफेयर सोसायटी, सेवा संकल्प युवा संगठन, पर्यावरण प्रेमी कुहू शर्मा एंड ग्रुप, शिव सोशियो कल्चरल सोसायटी, बंसल न्यूज, न्यूज नेशन, जी-न्यूज, सहर्ष वेलफेयर सोसायटी, मुस्कान सोशल वेलफेयर सोसायटी, प्रयास टीम, रक्षिता वेलफेयर सोसायटी, उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी भी पौध-रोपण अभियान में जुड़ी।

*समाज के लिए मिसाल बने लोगों को भी जोड़ा पौध-रोपण से*

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लोगों को पौध-रोपण के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ऐसे व्यक्तियों के साथ भी पौध-रोपण किया, जो समाज के लिए मिसाल हैं। इनमें इंदौर की यू-ट्यूबर कुमारी खनक हजेला, भील चित्रकार पद्मश्री सुश्री भूरी बाई, पद्मश्री डॉ. कपिल तिवारी, प्रख्यात अभिनेता श्री राजीव वर्मा, प्रसिद्ध शायर श्री मंजर भोपाली, ग्लोबल वार्मिंग के संबंध में जागरूकता फैलाने के लिए देश की सायकिल यात्रा पर निकले कर्नाटक के श्री धनुष एम और श्री हेमंत वायबी, नीति आयोग के उपाध्यक्ष प्रो. सचिन चतुर्वेदी, प्रसिद्ध पर्वतारोही सुश्री अंजना यादव, गौ-काष्ठ के उपयोग के प्रचार-प्रसार में लगे पर्यावरण वैज्ञानिक श्री योगेंद्र सक्सेना, पर्यावरण संरक्षण और बेटियों के सशक्तीकरण के लिए काम कर रही सुश्री आशी चौहान और श्री नरेश बग्गन तथा प्रदेश के पहले एवरेस्ट विजेता श्री भगवान सिंह शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भारत रत्न स्वर कोकिला स्वर्गीय सुश्री लता मंगेशकर की स्मृति में 7 फरवरी को भोपाल की ख्यातिनाम संगीत विभूतियों के साथ पौध-रोपण किया। इसी प्रकार विश्व रेडियो दिवस 13 फरवरी को भोपाल में संचालित समस्त एफ.एम. रेडियो के रेडियो जॉकी के साथ पौध-रोपण किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा बच्चों में पौध-रोपण की प्रवृत्ति विकसित करने के उद्देश्य से बाल साहित्य सृजन के लिए समर्पित बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केन्द्र के सदस्यों के साथ भी पौध-रोपण किया गया।

*स्थानीय प्रजातियों और परिवेश के अनुरूप पौध-रोपण को किया प्रोत्साहित*

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सर्वप्रथम 19 फरवरी 2021 को अमरकंटक में गुलबकावली और साल का पौधा लगाया। इस पौधों को रोपने का संदेश यही था कि पौध-रोपण में स्थानीय प्रजातियों और परिवेश के अनुरूप पौध-रोपण को प्रोत्साहित किया जाए। उल्लेखनीय है कि अमरकंटक क्षेत्र में साल की बहुतायत है, साथ ही गुलबकावली का पौधा दुर्लभ प्रजाति का है। यह अमरकंटक में सामान्यत: पाया जाता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पौध-रोपण के क्रम में पारिजात, सप्तपर्णी, अशोक, करंज, शीशम, वट वृक्ष, पीपल, कदम्ब, नीम, हरसिंगार, गूलर, बेल पत्र, रूद्राक्ष, चंदन, चाँदनी, अगर, मौलश्री, चम्पा, गुलमोहर, मुनगा, शमी, अरीठा, कचनार, हर्र, मधुकामिनी, केसिया, अर्जुन, हल्दू, पिथोरिया, नवल श्री, खेजड़ी, बीजा, देवदार के पौधे लगाए। इस क्रम में फलदार वृक्षों के पौधे जैसे आम, चीकू, अमरूद, आँवला, नारियल, संतरा, सीताफल, जामुन, खिरनी, लीची के पौधे भी रोपे गए।

*आरंभ किया प्रदेशव्यापी अंकुर अभियान*

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में जन-भागादारी से वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2021 को प्रदेशव्यापी अंकुर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसमें वायुदूत एप भी लांच किया गया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को एप पर रजिस्ट्रेशन कराकर स्वयं के द्वारा लगाए गए पौधे की फोटो अपलोड करने की व्यवस्था है। लगाए गए पौधे की एक माह बाद पुन: फोटो अपलोड की जाना है। इनमें से चयनित प्रतिभागियों को “प्राण वायु अवार्ड” से सम्मानित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा वृक्षारोपण गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के इन प्रयासों से प्रदेश में पौध-रोपण गतिविधि में विस्तार हुआ है। शासकीय कार्यक्रमों के साथ जन-सामान्य द्वारा अपने परिवार के शुभ आयोजनों और परिजन की स्मृति में भी पौध-रोपण किया जा रहा है। भेंट के रूप में पौधे देने का प्रचलन भी निरंतर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उन्हें भेंट में प्राप्त हो रहे पौधों का वृक्ष बैंक बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान के इन प्रयासों से प्रदेश में पौध-रोपण को जन-सामान्य की आदत बनाने में मदद मिली है।
*(संदीप कपूर)*



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