शिवपुरी जिले में मसाला फसलोत्पादन की असीम संभावनाएं – भारती


सह.सम्पादक अतुल जैन की रिपोर्ट


शिवपुरी। 
बागवानी में एकीकृत विकास मिशन अंतर्गत मसाला फसलों में तकनीकी हस्तांतरण कृषक प्रशिक्षण, सुपारी एवं मसाला विकास निदेशालय कालीकट केरल (कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा प्रायोजित का आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र, शिवपुरी द्वारा 15 मार्च को किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री प्रहलाद भारती जी, उपाध्यक्ष पाठ्य पुस्तक निगम म.प्र. शासन (राज्य मंत्री दर्जा) तथा विशिष्ट अतिथि श्री यू. एस. तोमर, उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, श्री एस. एस. कुशवाह, सहायक संचालक उद्यानिकी, जिला शिवपुरी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. एस. पी. सिंह द्वारा की गई।
अतिथियों द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती पर माल्यार्पण कर किया। केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. एस. पी. सिंह द्वारा कार्यक्रम की महत्ता बतलाते हुए मसाला फसलों की संभावनाओं के बारे में कार्यक्रम की उपयोगिता को बतलाया गया। डॉ. आई. एस. नरूका, नोडल ऑफिसर एमआईडीएच कार्यक्रम एवं सह संचालक अनुसंधान, रा.वि.सिं.कृ.वि.वि. ग्वालियर ने ऑनलाइन माध्यम से भी मसाला फसलों की खेती एवं उनके लाभकारी परिणामों के बारे में किसानों को जानकारी दी।
मुख्य अतिथि श्री प्रहलाद भारती द्वारा कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कृषि विज्ञान केन्द्र से कृषकों को उन्नत खेती की तकनीकी जानकारी सीखने और अपनाने के बारे में आह्वान किया गया तथा प्रधानमंत्री द्वारा प्रोत्साहित की जा रही प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता को बढ़ाने के बारे में और अधिक कृषकों को रूचि लेने के लिए कहा गया तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा कृषकों के हितार्थ संचालित की जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं के बारे में बतलाया।
कृषि विज्ञान केन्द्र, शिवपुरी के वैज्ञानिकों डॉ. एम. के. भार्गव, डॉ. शैलेन्द्र सिंह कुशवाह द्वारा मसाला फसलों अजवाइन एवं धनिया की उत्पादन तकनीक एवं जिले में संभावनाओं के बारे में तकनीकी जानकारी की गई। श्री जे. सी. गुप्ता एवं डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह द्वारा मसाला फसलों धनियां के कीट रोग तथा मसाला फसलों की उन्नत प्रजातियों के बारे में बतलाया गया। प्रशिक्षण में कृषक-वैज्ञानिक परिचर्चा सह प्रश्नोत्तरी करते हुए कृषकों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विकासखण्डों से आये कृषकों-कृषक महिलाओं 300 से अधिक को केन्द्र पर धनिया बीजोत्पादन इकाई तथा अन्य प्रदर्शन सह परीक्षण यूनिटों का भ्रमण भी गया। जिले सफल तथा प्रगतिशील कृषकों से परिचर्चा में अपने अनुभवों को भी साझा कराया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी कृषकों को पोषण वाटिका के लिए सब्जी बीजों की बीज किट भी प्रदाय की गई। केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एस. पी. सिंह द्वारा कृषकों से प्रश्नोत्तरी करते हुए सही उत्तर देने वालों को पारितोषिक रूप में कृषि एवं पशुपालन के लिए लाभकारी सामग्री भी प्रदाय की गई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. एम. के. भार्गव द्वारा किया गया एवं कार्यक्रम के सफल आयोजन में केन्द्र के सभी वैज्ञानिकों एवं अन्य सहयोगी स्टॉफ श्री नीरज कुमार कुशवाहा, श्री विजय प्रताप सिंह, श्री सतेन्द्र गुप्ता, कु. आरती बंसल, श्रीमती नीतू वर्मा एवं वीरनारायण राणा का सहयोग रहा। कार्यक्रम उपरांत केन्द्र की प्रदर्शन इकाइयों तथा धनिया बीजोत्पादन इकाई का अवलोकन भी कृषकों को कराया गया।



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