मध्यप्रदेश में लंपी वायरस के टीके उपलब्ध नहीं

  • मिथेलिन ब्लू का भी उपचार शुरू नहीं
    भोपाल । लंपी वायरस को लेकर मध्य प्रदेश सरकार की बेरुखी से पशुपालकों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मध्य प्रदेश के पशुपालन मंत्री और अधिकारी बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। लेकिन वायरस से निपटने ओर फैलने से रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं।
    कई जिलों में लंपी वायरस के टीके उपलब्ध नहीं है। राजधानी भोपाल में मात्र 300 डोज टीके के बचे हुए हैं। पर्याप्त संख्या में डोज भी उपलब्ध नहीं है। लंपी वायरस से लड़ने के लिए मिथेलिन ब्लू भी मध्यप्रदेश में उपलब्ध नहीं हो पा रही है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 31 अगस्त को जारी गाइडलाइन में इसका उपयोग करने की सलाह राज्यों को दी थी।
    मध्य प्रदेश सरकार पर्याप्त संख्या में टीकाकरण के लिए टीके उपलब्ध नहीं करा पा रही है। नाही वैकल्पिक उपाय किए जा रहे हैं। जिसके कारण लंपी वायरस बड़ी तेजी के साथ प्रदेश के अन्य जिलों में फैलता जा रहा है।

मक्खी मच्छरों से फैल रहा है वायरस
लंपी वायरस मक्खी और मच्छरों से पशुओं के आपस में साथ में रहने से फैलने वाली संक्रमित बीमारी है। पशुओं को मुफ्त टीका लगाए जाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। लेकिन यह सब कागजी साबित हो रहे हैं। इस बीमारी से सबसे ज्यादा गायों की मौत हो रही है। मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार है। इसके बाद भी यहां पर पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध नहीं होना,और वायरस से पीड़ित पशुओं का सही उपचार ना होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

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