किसान पुत्र

पाकिस्तानी दुकान में की नौकरी, IPL खेलने के लिए गिड़गिड़ाना तक पड़ा, आज विराट के चहेते पर करोड़ों बरस रहे


नई दिल्ली. आईपीएल 2022 के मेगा ऑक्शन से पहले रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने हर्षल पटेल को रिलीज कर दिया था. जबकि पिछले सीजन में उन्होंने सबसे अधिक 32 विकेट लिए थे. आरसीबी के इस फैसले पर हर कोई हैरान था. लेकिन, ऑक्शन में आरसीबी ने ही हर्षल को 10.75 करोड़ की कीमत में खरीदा, पिछले सीजन में हर्षल को बतौर सैलरी 20 लाख रुपये मिले थे और एक ही झटके में उन्हें 50 गुना ज्यादा सैलरी पर आरसीबी ने अपने साथ जोड़ लिया. हालांकि, हर्षल के लिए हमेशा से सब कुछ ऐसा चमकदार नहीं था. आज वो भले ही करोड़ों कमा रहे हैं. लेकिन एक दौर ऐसा भी था, जब वो छोटी सी दुकान में 12 घंटे काम करते थे और उन्हें रोज के 1500 रुपये मिलते थे, वो भी अमेरिका जैसे देश में. उन्होंने जिंदगी में कई बार रिजेक्शन झेला. एक बार तो बीच आईपीएल से ही उन्हें घर भेज दिया गया था. लेकिन, हर बार यह गेंदबाज हालातों से लड़ा और चैंपियन बनकर निकला.

हर्षल पटेल ने ‘ब्रेकफास्ट विद चैंपियंस’ शो में अपने जिंदगी से जुड़े इन अनछुए पहलुओं के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि कैसे उनका परिवार अमेरिका गया और कैसे वो एक पाकिस्तानी दुकानकार की परफ्यूम शॉप पर नौकरी करते थे, जहां उन्हें 14 साल पहले रोज के 35 डॉलर यानी 1500 रुपये के करीब मिलते थे. अमेरिका में गुजारे के लिए यह पैसा बेहद कम था. लेकिन वो इन हालातों से भी नहीं घबराए और संघर्ष करते रहे.

2017 में हर्षल आरसीबी के साथ थे. तब उन्हें एक दिन डेनिएल विटोरी, जो टीम के कोचिंग स्टाफ में थे ने बुलाकर कहा कि अगले 4-5 मैच में वो नहीं खेलेंगे. जब भी टीम को उनकी जरूरत होगी, उन्हें बुला लिया जाएगा. उन्हें बीच लीग से घर भेज दिया गया था. हालांकि, उस सीजन में आरसीबी प्लेऑफ तक नहीं पहुंचीं थी. इसके बाद हर्षल ने विटोरी को मैसेज कर एक मैच खिलाने तक की मिन्नत की थी.

मैं परफ्यूम दुकान में नौकरी करता था: हर्षल
हर्षल ने इस इंटरव्यू में बताया, ‘मैंने बचपन से ही पिताजी को हफ्ते के सातों दिन काम करते देखा. सर्दी-गर्मी, बरसात मौसम चाहें कोई भी हो, वो काम करते रहते थे. मेरे माता-पिता 2008 में अमेरिका गए थे. तब मेरी उम्र 17 साल थी और वो आर्थिक मंदी का साल था. उस दौर में भारत के लोग, जिनकी शिक्षा बहुत अच्छी नहीं थी और जिन्हें वहां की भाषा नहीं आती थी, उन्हें वहां जाकर सालों मजदूरी करनी पड़ती थी. अब अमेरिका पहुंच गए तो काम तो करना था. क्योंकि परिवार और अपनी जिम्मेदारी उठानी थी. तो मैं न्यूजर्सी में एक पाकिस्तानी शख्स की परफ्यूम की दुकान पर नौकरी करने लगा. अंग्रेजी आती नहीं थी. क्योंकि गुजराती मीडियम में सारी पढ़ाई हुई थी. जिस इलाके में यह दुकान थी. वहां लैटिन और अफ्रीकी अमेरिकन रहते थे. उनकी अंग्रेजी स्लैंग बाकी अमेरिकियों से बिल्कुल अलग था. मैंने धीरे-धीरे वो गैंगस्टर इंग्लिश सीख ली.”

इस गेंदबाज ने बताया कि उस परफ्यूम की दुकान पर हर शुक्रवार को लैटिन और अफ्रीकी अमेरिकन आते थे. जिस दिन इनको पैसा मिलता था और 200 डॉलर की सैलरी में से अकेले 100 डॉलर परफ्यूम की बोतल खरीदने में खर्च कर देते थे और सोमवार को वही बोतल लेकर वापस आते थे और यह कहते थे कि मैंने इसमें से दो-तीन बार ही परफ्यूम लगाया है. मैं इसे वापस करना चाहता हूं. मेरे पास खाना नहीं है. मेरे लिए यह जीवन बदलने वाला अनुभव रहा. क्योंकि मैंने पैसों और काम की अहमियत समझी.

‘मुझे 1500 रुपये मिलते थे’
उन्होंने इस जॉब को लेकर बताया कि मेरे अंकल-आंटी भी नौकरी करते थे और मुझे ऑफिस जाते वक्त दुकान के बाहर छोड़ देते थे. मैं 7 बजे ही पहुंच जाता था. जबकि दुकान 9 बजे खुलती थी. ऐसे में मैं कई बार पास के एजिलाबेथ स्टेशन पर दो घंटे बैठा रहता था और फिर रात 8 बजे काम करके घर लौटता था. यानी रोज 12-13 घंटे मैं काम कर रहा था और मुझे 35 डॉलर दिन के मिलते थे.

IPL 2022 का आधा सफर खत्म, टीम इंडिया के टी20 वर्ल्ड कप जीतने की राह में 4 बड़ी चुनौती

IPL 2022: गुजरात टाइटंस, राजस्‍थान रॉयल्‍स, सनराइजर्स हैदराबाद…जानिए पावरप्‍ले में किस टीम का दबदबा

15 रुपये का सैंडविच खाने के पैसे नहीं होते थे
हर्षल ने आगे बताया, ‘मैंने दोबारा क्रिकेट खेलने का फैसला लिया और भारत लौट आया. तब माता-पिता ने यही कहा कि हमारी नाक मत कटवाना. मैं सुबह 7 बजे मोटेरा स्टेडियम जाता और प्रैक्टिस करता और टोस्टेड सैंडविच 15 रुपये का पड़ता था और सामान्य सैंडविच 7 रुपये का तो मैं वो खाता था. पिता ने हमेशा मुझे पैसों को बचाने की सलाह दी. आज जब मुझे नीलामी में 10.75 करोड़ मिले तब भी पिताजी ने कहा कि पीपीएफ और एफडी कर दो. अब पिता वापस लौट आए हैं और अपने पुराने स्कूटर पर घूमते हैं.’

हर्षल की यह कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो हालातों से हारकर अपने सपनों का पीछा करना छोड़ देते हैं.

Tags: Harshal Patel, IPL 2022, Rcb, Royal Challengers Bangalore



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: