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क्या सच में ‘बेटर’ है बटरमिल्क? जानिए छाछ के फायदे और साइड इफेक्ट्स


Buttermilk Benefits and Side Effects: गर्मियों का मौसम अपने शबाब पर है और तापमान के बढ़ने से डिहाईड्रेशन का खतरा भी बढ़ गया है. ऐसे मौसम में फलों के जूस, लस्सी, सोडा और गैस से भरे ड्रिंक्स की खपत भी बढ़ जाती है. इन्हीं में से लोगों का एक फेवरेट ड्रिंक है छाछ यानी बटरमिल्क. छाछ दूध से मिलने वाले अहम पदार्थ जो मक्खन बनाने के लिए दूध को मथने से प्राप्त होता है. मथा हुआ ये दूध फैट फ्री होता है क्योंकि इसमें से मक्खन अलग हो जाता है और हेल्थ के लिहाज से फायदेमंद बैक्टीरिया के कारण थोड़ा खट्टा होता है.

छाछ प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन ए और डी का एक अद्भुत सोर्स है. छाछ की प्रोबायोटिक नेचर दुरुस्त पाचन और पेट साफ रखने में बहुत मदद करती है.

छाछ पीने से सेहत को होने वाले फायदे

– दरअसल छाछ में पाए जाने वाला विटामिन ए आपकी आंखों की रोशनी को मजबूत रखने में मदद करता है. ये इम्युन सिस्टम को भी बढ़ाता है और ये हार्ट, लंग्स और किडनी जैसे इंटरनल ऑर्गन्स को हेल्दी रखता है.

– मथने की प्रक्रिया के बाद छाछ में बचे बैक्टीरिया लैक्टोज को लैक्टिक एसिड में बदलने में मदद करते हैं, जिससे लैक्टोज को पचा नहीं सकने वाले लोगों (lactose intolerant people) के लिए इसे पचाना आसान हो जाता है.

– छाछ राइबोफ्लेविन (riboflavin) के जरिए एनर्जी जेनरेट करता है, जो अमीनो एसिड को रेगुलेट करने में भी मदद करता है. अमीनो एसिड शरीर के लिए आवश्यक प्रोटीन बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं.

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हालांकि, ये बटर मिल्क के कुछ फायदे हैं, लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते हैं कि सभी को पसंद आने वाला ये कूलिंग ड्रिंक कुछ साइड इफेक्ट भी पैदा कर सकता है. यदि आप ऐसे व्यक्ति हैं जो प्रतिदिन छाछ पीते हैं, तो आप इस पेय के कुछ नकारात्मक प्रभावों का अनुभव कर सकते हैं.

छाछ के साइड इफेक्ट्स

– छाछ में सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है जो किडनी की समस्या वाले मरीजों के लिए ठीक नहीं है. अगर आप किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं तो इसे पीने से बचें.

– छाछ आपकी सर्दी को बढ़ा सकती है. बुखार, सर्दी और पराग एलर्जी (pollen allergy) के दौरान रात में छाछ पीने की सलाह नहीं दी जाती है.

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– मक्खन निकालने के दूध को मथने की प्रक्रिया में फॉर्मेशन के लिए दिनों की जरूरत होती है. इससे बैक्टीरिया डेवलप होता है जो बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है. ये बैक्टीरिया बच्चों में सर्दी और गले के संक्रमण का कारण बन सकते हैं.

Tags: Health, Health News, Lifestyle



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