किसान पुत्र

क्यों मनाया जाता है ‘इंटरनेशनल नो डाइट डे’, जानें इस दिन का इतिहास और महत्त्व


International No Diet Day 2022: दुनियाभर में 6 मई को ‘अंतर्राष्ट्रीय नो डाइट डे’ मनाया जाता है. इस दिन को मनाने की शुरुआत वर्ष 1992 में यूके में ब्रिटिश महिला मैरी इवांस द्वारा की गयी थी. इस महिला के द्वारा इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों को यह समझाना था कि वे चाहे मोटे हों या फिर पतले उनको हर हाल में खुद को स्वीकार करना चाहिए.

आज दुनिया भर में ‘इंटरनेशनल नो डाइट डे’ मनाया जा रहा है. आज के दिन जहां कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन सार्वजनिक तौर पर किया जाता है. तो वहीं कुछ लोग इस दिन को अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ भी एन्जॉय करते हैं और तरह-तरह की एक्टिविटीज करते हैं. आइये जानते हैं इस दिन के इतिहास और महत्त्व के बारे में.

किसलिए मनाया जाता है ‘इंटरनेशनल नो डाइट डे’

‘अंतर्राष्ट्रीय नो डाइट डे’ मनाने के पीछे की वजह है बॉडी को शेप में लाने के फॉर्मूले को दरकिनार करते हुए बॉडी एक्सेप्टेन्स की ओर ध्यान केंद्रित करना. दरअसल आज के इस दौर में ज्यादातर लोग मोटापे की परेशानी से जूझ रहे हैं और मोटापे को डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, जोड़ों के दर्द और हाई बीपी जैसी बीमारियों की वजह माना जाता है. इस वजह से विशेषज्ञ बैलेंस डाइट लेने की सलाह देते हैं, ताकि मोटापे से बचा जा सके.

ये भी पढ़ें: कैसे हुई मदर्स डे मनाने की शुरुआत? जानें दिलचस्प इतिहास और महत्व

हांलाकि, कई बार लोग डाइटिंग को इस तरह से फॉलो करने लगते हैं कि लाइफ को एन्जॉय करना भूल जाते हैं. इसीलिए ‘इंटरनेशनल नो डाइट डे’ के दिन को सेलिब्रेट करते हुए डाइटिंग करने वाले लोगों को अपनी पसंद का खाना खाने का मौका दिया जाता है. जिससे लोग अपने बढ़ते वजन को भूलकर खुद से प्यार करते हुए लाइफ को एंज्वॉय कर सकें.

कब से मनाया जाता है ये दिन

‘अंतर्राष्ट्रीय नो डाइट डे’ को मनाने की शुरुआत यूके में ब्रिटिश महिला मैरी इवांस ने वर्ष 1992 में की थी. इस दिन को सेलिब्रेट करने की वजह थी कि लोग जैसे दिखते हैं वो वैसे ही खुद को स्वीकार करें और अपने बॉडी शेप को लेकर शर्मिंदा न हों. साथ ही डाइटिंग से जो नुकसान होते हैं उनके बारे में भी अवेयर हो सकें.

ये भी पढ़ें: मदर्स डे 2022: मां को देखना चाहते हैं लंबी उम्र तक स्वस्थ, तो जरूर कराएं ये 6 हेल्थ चेकअप

दरअसल, मैरी इवांस ऐनोरेक्सिया नाम की बीमारी से जूझ रही थीं. ये एक ऐसी बीमारी है जो खाने से रिलेटिड है और इसमें वजन बढ़ने का रिस्क काफी बढ़ जाता है. मैरी ने डाइट ब्रेकर नाम की एक ऑर्गनाइजेशन की शुरुआत की थी और इसके जरिये ही पहली बार ‘इंटरनेशनल नो डाइट डे’ मनाया था.

Tags: Food diet, Health, Lifestyle



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: