किसान पुत्र

सिमरिया सुनियोजित हत्या में शामिल आरोपियों की हो फासी, पीड़ित परिजनो को मिले उचित मुआवजा


सर्व आदिवासी समाज की मांग
सिमरिया सुनियोजित हत्या में शामिल आरोपियों की हो फासी, पीड़ित परिजनो को मिले उचित मुआवजा
मतीन रजा…..
लालबर्रा-
सिवनी जिले के कुरई थाना अन्तर्गत सिमरिया में दो आदिवासी युवकों की हत्या का मामला तूल पकड़ते जा रहा है। शनिवार को लालबर्रा सर्व आदिवासी समाज के लोगों ने शासन के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए महामहिम राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री के नाम थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें कहा कि हत्या के आरोपियों पर दंडात्मक कार्यवाही अर्थात फासी हो एवं पीड़ित परिवारो को उचित मुआवजा प्रदान कर आरोपियों के मकानों को तोड़ा जाए। आदिवासी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार देश की एकता अखंडता व भाईचारा को दूषित करने वाले संगठनों पर रोक लगाए।
     जानकारी हेतु आपको बता दें कि सोमवार रात लगभग तीन बजे करीब 15-20 दक्षिणपंथी कथित गौ रक्षकों ने गोकशी के शक पर सिमरिया गांव निवासी 52 वर्षीय धनसा इनवाती, 35 वर्षीय सागरगांव निवासी संपत बट्टी और ब्रजेश को घेर लिया। कथित गौ रक्षकों ने इन तीनों पर गोमांस ले जाने का आरोप लगाते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया और बेरहमी से पीटा ,जिससे दो आदिवासियों धनसा व संपत की मौत हो गई और बृजेश गंभीर रूप से घायल हो गए है, व स्थानीय लोगों ने मंगलवार सुबह जबलपुर-नागपुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया, जिसके बाद से राजनीति गर्मा गई।

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शनिवार को ज्ञापन सौपने के पश्चात सर्व आदिवासी समाज लालबर्रा सचिव अनिल उइके ने बताया कि जिला सिवनी थानांर्तगत ग्राम सिमरिया में धार्मिक संगठन बजरंग दल व राम सेना के पदाधिकारियो द्वारा आदिवासीयो के साथ मारपीट कर जान से मारपीट कर मौत के घाट उतार दिया जिसकी हम घोर निंदा करते है, यदि मृतको की गलती थी, तो उन्हे प्रश्ज्ञासन को सौपना था, हमारी सरकार एक ओर कहती है, कि हम आदिवासिायो के उत्थान के लिये बढ़ावा दे रहे है, वही उनके धार्मिक संगठन आदिवासियों के साथ इस तरह की वारदात को अंजाम दे रहे है, यह पहली घटना नही अपितु इससे पूर्व निमाड़, खंडवा सहित अन्य घटनाये हो चुकि है, हमारी मांग है, कि संगठन में आपराािक प्रवृति के युवक है, उन पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो और पीड़ित परिजनो को उचित मुआवजा मिले। इस दौरान सर्व आदिवासी समाज के म.प्र.आदिवासी विकास परिषद शाखा लालबर्रा अध्यक्ष ज्ञानसिंह गोड़गे, सचिव अनिल उइके, झनकलाल मड़ावी, धनेन्द्र भलावी, गायत्री पन्द्रे, गीता अढ़पाची, अनीता मड़ावी, राकेश वाड़िवा, हेमलता उइके, महिमा मड़ावी, कैलाश परते, नरेन्द्र वरकड़े, कल्वेस सरोते, केवलसिंह उइके, प्रेमसिंह मर्सकोले, रामकुमार मर्सकोले, आनंदसिंह धुर्वे, धरमसिंह मड़ावी, दिलीप उइके, देवेन्द्र उइके, धनसिंह उइके व झनकारसिंह उइके सहित अन्य उपस्थित रहे।



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