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लैपटॉप नहीं, कागज-पैन से बनाई जीत की रणनीति! जानें कैसे नेहराजी ने डेब्यू सीजन में GT को चैम्पियन टीम के रूप में ढाला


नई दिल्ली. IPL 2022 जब शुरू हुआ था, तब किसी ने भी नहीं सोचा था कि दो नई नवेली टीम गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन इतना चमकदार रहेगा. लेकिन लीग स्टेज के खत्म होते-होते यही दो टीमें चैम्पियन बनकर उभरीं. इसमें से गुजरात टाइंटस ने तो सबसे पहले प्लेऑफ का टिकट कटाया. इसमें जितना योगदान टीम के कप्तान हार्दिक पंड्या और खिलाड़ियों का है, उतनी ही बड़ी भूमिका टीम के हेड कोच आशीष नेहरा की है. ऑक्शन में खिलाड़ी चुनने से लेकर टीम को प्लेऑफ तक पहुंचाने में नेहरा जी की कुशल रणनीति काम आई.

आशीष नेहरा आईपीएल में दूसरी बार कोचिंग में हाथ आजमा रहे हैं. इससे पहले वो दो सीजन रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के साथ बतौर बॉलिंग कोच जुड़े थे. इस सीजन से पहले भी उनके पास कोचिंग के ऑफर थे. लेकिन वो हेड कोच की भूमिका निभाना के साथ ही बिल्कुल नए सिरे से टीम को खड़ा करने की चुनौती लेना चाहते थे और अब तक नेहरा इसमें खरे उतरे हैं. आखिर ऐसे आईपीएल का पहला सीजन खेल रही एक टीम को आशीष नेहरा ने चैम्पियन टीम में तब्दील कर दिया. आइए समझते हैं.

ऑक्शन में पैसा बहाने के बजाए समझदारी से खिलाड़ी खरीदे

आईपीएल 2022 के मेगा ऑक्शन में मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स ने पुराने खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़े रखने के लिए पानी की तरह पैसा बहाया. लेकिन, आशीष नेहरा की अगुवाई में गुजरात ने समझदारी से खिलाड़ी खरीदे. ऐसा नहीं है कि गुजरात ने ऑक्शन में स्टार खिलाड़ियों पर बोली नहीं लगाई. दरअसल, गुजरात ने 37 खिलाड़ियों पर बोली लगाई थी और उसमें से 20 खरीदे. सिर्फ रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (35) ने गुजरात से कम खिलाड़ियों पर बीड किया. इससे समझ आता है कि आशीष नेहरा भी बड़े खिलाड़ियों को लेना चाहते थे.

ऑक्शन के दौरान ईशान किशन, कैगिसो रबाडा, श्रेय़स अय्यर, क्रुणाल पंड्या, टी नटराजन जैसे खिलाड़ियों को खरीदने के लिए गुजरात ने बीडिंग की थी. लेकिन, जब इन खिलाड़ियों की कीमतें बढ़ने लगी तो गुजरात टाइटंस बीडिंग वॉर से पीछे हट गई. टीम ने लॉकी फर्ग्यूसन, मोहम्मद शमी और जेसन रॉय जैसे खिलाड़ियों को खरीदा और पहले से ड्राफ्ट किए तीन खिलाड़ियों हार्दिक पंड्या, राशिद खान और शुभमन गिल के इर्द-गिर्द टीम बनाई. इसमें राहुल तेवतिया, डेविड मिलर जैसे ऑलराउंड खिलाड़ियों को भी जोड़ा. इससे अनुभवी और युवा खिलाड़ियों की ऐसी टीम तैयार हुई, जो आईपीएल में कमाल दिखा रही है.

खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव नहीं डाला

आईपीएल पर दुनिया भर की नजर रहती है. इसे दुनिया की बेस्ट क्रिकेट लीग माना जाता है. ऐसे में खिलाड़ियों पर प्रदर्शन का दबाव होता है. लेकिन गुजरात टाइटंस के कोच के रूप में आशीष नेहरा ने इस बात का खास ध्यान रखा कि खिलाड़ियों पर दबाव हावी ना हो. 10 टीमों के कारण टूर्नामेंट में पहले से अधिक मुकाबले खेले जाने थे. लंबे वक्त तक टीमों को बायो-बबल के भीतर रहना था. ऐसे में खिलाड़ियों का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना जरूरी थी. इसे ध्यान में रखते हुए ही उन्होंने खिलाड़ियों पर प्रैक्टिस, फिटनेस और मैच का दबाव कम करते हुए उन्हें जीत का नया मंत्र दिया.

यह सुनने में अटपटा लगे कि उन्होंने खिलाड़ियों को खाने-पीने और नींद पूरी करने का मंत्र दिया. लेकिन यही टीम के काम आया. हाई प्रेशर मुकाबलों में भी खिलाड़ी बिखरे नहीं, बल्कि हीरो बनकर उभरे. राहुल तेवतिया और डेविड मिलर जैसे खिलाड़ी इसके उदाहरण हैं.

गेंदबाजों को दबाव में बॉलिंग का गुर सिखाया

आईपीएल का पहला सीजन खेल रही गुजरात टाइटंस की अब तक गेंदबाजी शानदार रही है. टीम के लिए 10 गेंदबाजों ने 71 विकेट लिए. एक तरफ जहां फिरकी गेंदबाज राशिद खान ने 15 विकेट झटके तो दूसरी ओर पेसर मोहम्मद शमी ने भी 16 शिकार किए. यह बताने के लिए काफी है स्पिन और तेज दोनों गेंदबाजों ने टीम की जीत में बराबर योगदान दिया. गेंदबाजों ने उस वक्त टीम की मैच में वापसी कराई, जब ऐसा लग रहा था कि विरोधी टीम आसानी से जीत हासिल कर लेगी.

इसमें भी कोच आशीष नेहरा का अहम योगदान रहा. वो खुद टी20 के स्पेशलिस्ट गेंदबाज रहे हैं. ऐसे में उन्होंने गुजरात के गेंदबाजों को भी इसी तरह तैयार किया और यही वजह रही कि गेंदबाजों में आखिरी गेंद तक लड़ने का माद्दा पैदा हो गया.

नेहरा ने कप्तान के रूप में हार्दिक पंड्या को फ्री हैंड दिया. इसी का नतीजा रहा है कि वो बतौर बल्लेबाज, गेंदबाज और कप्तान तीनों ही रोल में फिट और हिट नजर आए.

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नेहरा की ओल्ड स्टाइकल कोचिंग चली

क्रिकेट में टेक्नोलॉजी काफी हावी हो चुकी है. बल्लेबाज कब, कहां और कैसे शॉट्स लगाता है, वीडियो फुटेज देखकर विरोधी टीम उसके खिलाफ रणनीति तैयार कर लेती है. गेंदबाज के खिलाफ भी ऐसे ही प्लान तैयार होता है. लेकिन आशीष नेहरा इससे जुदा नजर आए. वो लैपटॉप और वीडियो फुटेज के बजाए कागज पर गेम प्लान बनाते नजर आए. कई मुकाबलों में ऐसा दिखा. नेहरा पहले भी कई बार यह कह चुके हैं कि वो क्नोलॉजी में बहुत ज्यादा यकीन नहीं रखते हैं और खिलाड़ियों को सिर्फ बेसिक्स पर ध्यान देने के लिए कहते हैं. अब, नेहरा जी की कागज वाली कोचिंग में कितनी सच्चाई है, यह तो नहीं पता. लेकिन गुजरात की टीम का प्रदर्शन तो हर मैच के साथ निखरता ही जा रहा है.

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खिलाड़ियों के साथ बड़े भाई जैसा बर्ताव

आशीष नेहरा भले ही गुजरात टाइटंस के हेड कोच हैं. लेकिन खिलाड़ियों के साथ उनका बर्ताव दोस्ताना ही नजर आ रहा है. वो टीम के प्रैक्टिस सेशन में हर खिलाड़ी से अलग से बात करते हैं और उन्हें खेल से जुड़ी बारीकियां बताते नजर आ चुके हैं. इसका असर टीम के प्रदर्शन पर दिख रहा है. पूरे सीजन में गुजरात का कोई भी खिलाड़ी दबाव में नजर नहीं आया. इसका सबूत है राहुल तेवतिया, जिन्होंने कांटे के कई मुकाबलों में टीम को अकेले दम पर जीत दिलाई.

Tags: Ashish nehra, Gujarat Titans, Hardik Pandya, IPL 2022



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